POEMS

दशहरा पर 5+ सर्वश्रेष्ठ कविताएं – Dussehra Poem in Hindi

आप सभी को वे आपके परिवार को Hindi Family की तरफ से विजय दशमी के ढ़ेर सारी शुभकामनाये। दोस्तों जैसा की आप सभी जानते है की हिंदी धर्म में त्योहारों का कितना बड़ा महत्व माना जाता है। और आप सभी ये भी जानते होंगे की हिन्दुओ का सबसे बड़ा त्यौहार दिवाली होता है। जिस दिन भगवन राम अयोध्या लोटे थे। भगवन राम ने बुराई पर अच्छाई को जित दिलाई और उस दिन को सभी दशहरा के रूप में मनाते है। इस दिन भगवन श्री राम ने रावण को उसकी किये की सजा दी और जित हासिल की। और अब वो दिन भी दूर नहीं जल्द ही Wednesday, 5 October को इस दिन को बड़ी धूम धाम से मनाया जाएगा।

इस दिन सभी रावण के पुतले बनाते है और उसे जलाकर वे पटाके छुड़ाकर बड़े धूम धाम से इस त्यौहार को बनाते है और बुराई पर अच्छाई की जीत का ये जश्न सभी मनाते है। इसलिए आज हमने आप सभी के लिए Dussehra Poem in Hindi पर आर्टिकल लिखा है ताकि आप सभी भी इस दिन अपने मन में भरे अहंकार को त्यागे और अच्छाई को अपनाये। मित्रो हम उम्मीद करते है की आपको हमारे माध्यम से लिखा ये लेख जरूर पसंद आएगा।

Dussehra Poem in Hindi – विजयादशमी पर कविता

Poem in Hindi on Dussehra – विजयादशमी कविता इन हिंदी

सत्य की जीत

दशहरा का तात्पर्य, सदा सत्य की जीत।
गढ़ टूटेगा झूठ का, करें सत्य से प्रीत॥
सच्चाई की राह पर, लाख बिछे हों शूल।
बिना रुके चलते रहें, शूल बनेंगे फूल॥
क्रोध, कपट, कटुता, कलह, चुगली अत्याचार
दगा, द्वेष, अन्याय, छल, रावण का परिवार॥
राम चिरंतन चेतना, राम सनातन सत्य।
रावण वैर-विकार है, रावण है दुष्कृत्य॥
वर्तमान का दशानन, यानी भ्रष्टाचार।
दशहरा पर करें, हम इसका संहार॥

Dussehra Poetry in Hindi

फिर हमें संदेश देने आ गया पावन दशहरा
संकटों का तम घनेरा हो न आकुल मन ये तेरा
संकटों के तम छटेंगें होगा फिर सुंदर सवेरा ||

धैर्य का तू ले सहारा द्वेष हो कितना भी गहरा
हो न कलुषित मन यह तेरा फिर से टूटे दिल मिलेंगें
होगा जब प्रेमी चितेरा फिर हमें संदेश देने आ गया पावन दशहरा ||

बन शमी का पात प्यारा सत्य हो कितना प्रताड़ित
रूप उसका और निखरे हो नहीं सकता पराजित
धर्म ने हर बार टेरा फिर हमें संदेश देने आ गया पावन दशहरा ||

Dussehra Poems in Hindi – दशहरा कविता हिंदी में

आ गया पावन दशहरा
फिर हमे सन्देश देने
आ गया पावन दशहरा।
तुम संकटों का हो घनेरा
हो न आकुल मन ये तेरा
संकटो के तम छटेंगे
होगा फिर सुन्दर सवेरा
धैर्य का तू ले सहारा।
द्वेष कितना भी हो गहरा
हो न कलुषित मन ये तेरा
फिर ये टूटे दिल मिलेंगे
होगा जब प्रेमी चितेरा
बन शमी का पात प्यारा।
सत्य हो कितना प्रताड़ित
पर न हो सकता पराजित
रूप उसका और निखरे
जानता है विश्व सारा
बन विजय “स्वर्णिम सितारा”।

Dussehra Whatsapp Status

उषा क्यों बहु अनुरंजित हुई
पहनकर अभिनंदन का साज!
प्रकृति के भव्य भाल का बिंदु
बना क्यों बाल-विभाकर आज।

किसलिए पारदमय हो गया
विमल नभतल का नील निचोल!
विहँसकर देख रही है किसे
दिग्वधू अपना घूँघट खोल।

खिल गये किसका बदन बिलोक
सरों में विलसे बहु अरबिंद!
बरसता है क्यों सुमन-समूह
प्रफुल्लित नाना पादप-वृन्द।

रत्नमय तारक-मिष क्यों हुआ
विधुमुखी रजनी-शिर का ताज!
बिछ गयी क्षिति पर चादर धुली
किसलिए कलित कौमुदी-व्याज।

वितरता फिरता है क्यों मोद
मंद-चल सुरभित सरस समीर!
मोहता है क्यों बज सब ओर
किसी मंजुल पग का मंजीर।

हँस रहे हैं सज्जित धवज लिये
आगमन से किसके आवास!
विपुल विकसित है जनता बनी
किस बिजयिनी का देख विकास।
Poem on Dussehra in Hindi

दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको हमारी पोस्ट Dussehra Poem in Hindi पर दशहरा पर कविता पढ़ने में मजा आया होगा। हमने ये सभी दशहरा कविताये आप लोगो के लिए लिखी है ताकि आप विजय दशमी पर ये सभी कविताये अपने दोतो वे परिवार वालो के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर सके। और हां हमे कमेंट में जरूर बताये की आपको हमारा लेख पढ़कर केसा लगा। धन्यवाद।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!