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5+ Best Hindi Poem on Dada Dadi || दादा दादी के ऊपर कविता

Hindi Poem on Dada Dadi:- दोस्तों आज आप सभी का एक बार फिर हमारे ब्लॉग पर स्वागत है। मित्रो आज हमने आप सभी के लिए दादा दादी,पोता पोती पर बेस्ट कवियताये लिखी है। आप सभी जानते है की इस दुनिया में माँ बाप से ज्यादा एक बच्चा अपने दादा दादी के बेहद करीब होता है। उन्होके मध्य बेइंतहा प्यार होता है। ऐसी प्यार को आज हमे कुछ कागज़ के पन्नो पर उतार ने की कोशिश की है। मुझे उम्मीद है की हमारे द्वारा लिखी दादी के लिए कविता लोकप्रिय कविताये आपको जरूर पसंद आएगी।

5+ Best Hindi Poem on Dada Dadi || दादा दादी के ऊपर कविता

♦ सबसे प्यारी दादी है हमारी! ♦

दांत है टूटे,
हाथ में बच्ची है बस हड्डी,
फिर भी दिन रात जागकर,
ख्याल मेरा रखती,
और मेरे लिए सर्दियों में स्वेटर भी बुनती…

मुझे अपने हाथो से खिलाती,
हर रोज़ सोने से पहले,
राजा रानी की कहानी है सुनती…

बहुत हसती मुझे,
बहुत खिलाती मुझे,
जब मुँह सुजाउ में,
तो प्यार से मानती भी मुझे,

मेरी दादी है सबसे प्यारी,
करती है मेरे सदैव रखवाली!

♦मेरे अनमोल दादा जी!♦ hindi poem on dadaji

जो हमे नाराज़ होने पर,
प्यार से मनाते थे,

हमारी हर ख्वाइश,
पूरी करने के लिए अपनी जान लगाते थे,

हमारे लिए मेले से,
खिलोने लाते थे,

अपनी ज़ुबान से निकले,
हर शब्द में हमारे लिए आशीर्वाद मिलाते थे,

जो हमे प्यार से गुड्डू, बबलू बुलाते थे,
उन्हें हम प्यार से दादा जी बुलाते थे|

Poem on dada dadi in Hindi – दादी माँ (दादी की कविता)

Dadi Poem in Hindi

मम्मी की फटकारों से
हमें बचाती दादी माँ।
कितने प्यारे वादे करती-
और निभाती दादी माँ।
पापा ने क्या कहा-सुना,
सब समझाती दादी-माँ!
चुन्नू-मुन्नू कहाँ गए,
हाँक लगाती दादी माँ।
ऐनक माथे पर फिर भी
शोर मचाती दादी माँ।
‘हाय राम! मैं भूल गई’-
हमें हँसाती दादी माँ।
गरमा-गरम जलेबी ला,
हमें खिलाती दादी माँ।
कभी शाम को अच्छी सी
कथा सुनाती दादी माँ,
खूब डाँट दे पापा को,
भौहें चढ़ाती दादी माँ।
हम भी गुमसुम हो जाएँ,
रोब जमाती दादी माँ!

दादी के लिए कविता – dada par kavita

जब भी याद आती हैं अम्मा
तो याद आते हैं दो गोरे हाथ
कोयले में सने हुए
दिखते हैं पैर जो फटकर
पत्थर हो चुके हैं
जिनमें उग चुके हैं
छोटे-छोटे पेड़

देखती हूँ सुन्दर चेहरा
जो नींद में ही हूँका
देता जाता है दादा की पूरे
दिन की कहानी पर
और मैं याद करते-करते
धीरे से लेट जाती हूँ
अम्मा की गोद में।

Hindi poem on dadi maa (दादी के दाँत)

असली दाँत गिर गए कब के
नकली हैं मजबूत,
इनके बल पर मुस्काती है
क्या अच्छी करतूत।
बड़े बड़ों को आड़े लेती
सब छूते हैं पैर,
नाकों चने चबाने पड़ते
जो कि चाहते खैर।
उनका मुँह अब नहीं पोपला
सही सलामत आँत,
कभी नहीं खट्टे हो सकते
दादी जी के दाँत।

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मुझे उम्मीद है की आपको हमारे माध्यम से लिखा गया आर्टिकल Hindi Poem on Dada Dadi पर दादा दादी की लोकप्रिय कविताये पढ़कर बेशक मजा आया होगा। और हमारी कविताओं से आपको जरूर आपके दादा दादी की याद आई होगी। ये दादा दादी पर कविता अपने दादा दादी के साथ जरूर शेयर करे। धन्यवाद।

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